भारत का क्रिप्टो और वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में मजबूत AML-KYC कम्प्लायंस पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है — सेंट्रल KYC (CKYC) रजिस्ट्री तक वर्चुअल डिजिटल एसेट सेवा प्रदाताओं (VDASPs) को पहुंच देना।
FIU-IND और PMLA नियमों में बदलाव
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत VDA सेवा प्रदाताओं को “रिपोर्टिंग एंटिटी” घोषित किया गया है। जनवरी 2026 में FIU-IND ने AML/CFT गाइडलाइंस अपडेट किए, जिसमें लाइव सेल्फी, जियो-लोकेशन, पेनी ड्रॉप और मजबूत KYC की अनिवार्यता शामिल है। अब इन प्लेटफॉर्म्स को FIU-IND में रजिस्ट्रेशन, संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग और 5 साल तक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।
सेंट्रल KYC (CKYC) क्या है और क्यों जरूरी?
CKYC CERSAI द्वारा संचालित एक एकीकृत डेटाबेस है जिसमें पूरे भारत की सत्यापित KYC जानकारी होती है। इसका मुख्य उद्देश्य है:
- बार-बार KYC प्रक्रिया को खत्म करना
- ग्राहक ऑनबोर्डिंग को तेज और आसान बनाना
- AML नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करना
वर्तमान में CKYC की पहुंच मुख्य रूप से RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के नियामक दायरे वाली संस्थाओं को मिली हुई है। लेकिन FIU-IND के साथ रजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंज और VDA प्लेटफॉर्म्स को अभी तक पूरी पहुंच नहीं दी गई है। यह एक तकनीकी और नीतिगत रुकावट है जिसे जल्द दूर किया जाना चाहिए।
CKYC एक्सेस न मिलने से क्या समस्याएं?
VDA प्लेटफॉर्म्स को CKYC से बाहर रखने से:
- कस्टमर ऑनबोर्डिंग में देरी होती है
- डुप्लिकेट KYC की जरूरत पड़ती है
- पूरे फाइनेंशियल सिस्टम में नियमों की एकरूपता प्रभावित होती है
जब VDA प्रदाता PMLA के तहत पूरी तरह रिपोर्टिंग एंटिटी बन चुके हैं, तो उन्हें CKYC एक्सेस देने में देरी नियमों के तालमेल पर सवाल उठाती है।
CKYC एक्सेस देने के फायदे
- नियमों का बेहतर पालन (Compliance): FIU-IND, PMLA और AML नियम आसानी से लागू होंगे
- निवेशक सुरक्षा: फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा कम होगा
- उपभोक्ता सुविधा: एक बार KYC, पूरे सिस्टम में इस्तेमाल
- इकोसिस्टम का भरोसा: क्रिप्टो को मुख्यधारा का हिस्सा बनाने में मदद
FSDC और समान KYC मानकों की जरूरत
एक साल पहले वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) ने समान KYC मानकों पर चर्चा की थी। यदि VDA सेक्टर को भी इन समितियों में शामिल किया जाए तो एक मजबूत, एकीकृत KYC ढांचा तैयार हो सकता है।
निष्कर्ष: समय आ गया है CKYC एक्सेस देने का
वर्चुअल डिजिटल एसेट उद्योग के लिए PMLA का पालन सिर्फ नियम पूरे करना नहीं, बल्कि उपयोगकर्ताओं का भरोसा जीतना भी है। CKYC एक्सेस देना एक व्यावहारिक और अहम कदम होगा जो नियमों के पालन, धोखाधड़ी रोकथाम और डिजिटल एसेट इकोसिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नीति-निर्माताओं से अपील है कि जल्द ही स्पष्ट अधिसूचना या संशोधन के जरिए VDA सेवा प्रदाताओं को CKYC रजिस्ट्री का पूरा उपयोग करने की अनुमति दी जाए।
