Gulf देशों की संभावित एंट्री से बढ़ा संकट, तेल उछला और शेयर बाजार दबाव में
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच क्रिप्टो बाजार में मजबूती देखने को मिली है। Gulf देशों के संभावित रूप से ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने की खबरों के बीच Bitcoin, Ether और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में उछाल दर्ज किया गया है।
कीमतों में उछाल, Bitcoin 70,000 डॉलर के पार
मंगलवार सुबह Bitcoin की कीमत करीब 3.1 प्रतिशत बढ़कर 70,352 डॉलर तक पहुंच गई। इससे पहले सप्ताहांत में यह 68,000 डॉलर के नीचे फिसल गया था। वहीं Ether, Solana, Dogecoin और XRP जैसी अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी 2 से 4 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई।
यह तेजी ऐसे समय आई है जब पारंपरिक बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है।
Gulf देशों की एंट्री से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने अमेरिकी सेना को King Fahd Air Base के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है, जो पहले नहीं थी। संयुक्त अरब अमीरात ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं।
यदि Gulf देश सीधे इस संघर्ष में शामिल होते हैं, तो यह युद्ध सिर्फ अमेरिका-इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय गठबंधन में बदल सकता है। यह स्थिति बाजार की पहले की अपेक्षाओं से कहीं ज्यादा गंभीर मानी जा रही है।
वहीं ईरान की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार कर दिया गया है और Strait of Hormuz लगभग बंद स्थिति में है, जहां से बहुत कम जहाज गुजर पा रहे हैं।
पारंपरिक बाजारों में गिरावट, तेल में उछाल
इस भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखा।
S&P 500 फ्यूचर्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी के संकेत मिले।
ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है। वहीं डॉलर में हल्की मजबूती आई, जबकि सोने की कीमत में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सोने में गिरावट ने बढ़ाई चिंता
आमतौर पर संकट के समय सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जो बाजार के लिए असामान्य संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट संभवतः बड़े फंड्स द्वारा मार्जिन कॉल के दबाव में जबरन बिकवाली के कारण हो रही है।
ऐसी स्थिति में Bitcoin की स्थिरता ध्यान खींच रही है। जिसे सबसे ज्यादा अस्थिर माना जाता है, वह इस समय एक दायरे में बना हुआ है, जबकि पारंपरिक सुरक्षित विकल्प दबाव में हैं।
आगे क्या संकेत मिल रहे हैं
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिया गया पांच दिन का समय इस सप्ताह समाप्त हो रहा है। ऐसे में Gulf देशों की संभावित भागीदारी इस पूरे संघर्ष को और गंभीर बना सकती है।
यदि यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता है, तो खाड़ी क्षेत्र के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरा बढ़ सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और बाजारों पर पड़ेगा।
फिलहाल Bitcoin 70,000 डॉलर के स्तर पर बना हुआ है, जबकि बाकी बाजारों में दबाव है। यह स्थिरता असली मजबूती है या सिर्फ अगले बड़े घटनाक्रम का इंतजार, इसका जवाब आने वाले दिनों में साफ होगा।
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