नई दिल्ली — आज क्रिप्टो मार्केट में भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई के संकेत देने से बिटकॉइन (BTC) की कीमत में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप के बयान ने क्यों मचाया हाहाकार?
इस सप्ताह की शुरुआत में ईरान संघर्ष जल्द खत्म होने और हॉर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुलने की उम्मीद से क्रिप्टो मार्केट में हल्की रैली देखी गई थी। लेकिन ट्रंप के सख्त बयानों ने इस उम्मीद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
ट्रंप के कमेंट्स के बाद निवेशकों में रिस्क ऑफ मोड सक्रिय हो गया, जिससे बिटकॉइन में तेज गिरावट आई। वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 5% से ज्यादा की उछाल आई और यह $106 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।
वर्तमान बिटकॉइन प्राइस: $66,394.93 (लगभग -3.21% डाउन)। इंट्राडे लो के दौरान यह $66,500 के आसपास तक गिरा।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर असर
- Ethereum (ETH): 4.63% गिरकर $2,036.54 पर
- Solana (SOL): 5.20% गिरकर $78.92 पर
- PEPE: 3.72% डाउन
- SHIB: 3.07% डाउन
- DOGE: 2.78% डाउन
- XRP: 3.20% डाउन
कुल क्रिप्टो मार्केट कैप फिलहाल $2.39 ट्रिलियन के आसपास बना हुआ है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
Orbit Markets की को-फाउंडर Caroline Mauron ने कहा:
“स्टॉक और कमोडिटी मार्केट ट्रंप के जियोपॉलिटिकल कमेंट्स के अनुसार तेजी-मंदी दिखा रहे हैं। बिटकॉइन ज्यादातर स्टॉक्स की दिशा में चल रहा है, हालांकि पिछले कुछ हफ्तों में यह अच्छी-बुरी खबरों के प्रति कम संवेदनशील रहा है।”
बिटकॉइन की मौजूदा स्थिति और विश्लेषण
- मार्च 2026 में बिटकॉइन 2% ऊपर बंद हुआ था, जो लगातार पांच महीने की गिरावट के बाद राहत की खबर थी।
- फिर भी यह अक्टूबर 2025 के ऑल-टाइम हाई $126,000 से अभी भी लगभग 45% नीचे है।
- CryptoQuant के डेटा के अनुसार, मार्च के अंत में बिटकॉइन की मांग (डिमांड गैप) नकारात्मक रही — लगभग 63,000 BTC की कमी दर्ज की गई।
आगे क्या हो सकता है?
यह सेलऑफ बिटकॉइन की जियोपॉलिटिकल प्रेशर के प्रति लचीलता की परीक्षा ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-ऑयल का कनेक्शन पहले भी क्रिप्टो मार्केट को प्रभावित कर चुका है और यह पैटर्न फिर दोहराया जा रहा है।
अगला बड़ा ट्रिगर मिड-अप्रैल में CLARITY Act का सीनेट बैंकिंग कमिटी में मार्कअप हो सकता है, जो क्रिप्टो रेगुलेशन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल जियोपॉलिटिकल तनाव और तेल की ऊंची कीमतें ही कीमतों को नियंत्रित कर रही हैं।
ट्रंप के ईरान पर सख्त रुख ने पूरे क्रिप्टो मार्केट को बुरी तरह प्रभावित किया है। निवेशक अब ऑयल प्राइस, जियोपॉलिटिकल अपडेट्स और अमेरिकी नीतियों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश हमेशा उच्च जोखिम वाला होता है। इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले DYOR (Do Your Own Research) जरूर करें।
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