रूस में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता अब धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है। देश की सबसे बड़ी बैंक Sberbank ने ऐलान किया है कि वह सितंबर में नई कानून लागू होने के बाद क्रिप्टो वॉलेट और डिजिटल डिपॉजिटरी सर्विस लॉन्च करेगी। यह कदम रूस के क्रिप्टो मार्केट को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा विकास माना जा रहा है।
Sberbank का प्लान क्या है?
Sberbank के पहले डिप्टी चेयरमैन Kirill Tsarev के अनुसार, नया क्रिप्टो वॉलेट Sberbank Online और SberInvestments ऐप्स में इंटीग्रेट किया जाएगा। इसके अलावा बैंक एक डिजिटल डिपॉजिटरी भी बनाएगा, जहां क्लाइंट्स अपने क्रिप्टो टोकन्स को सुरक्षित रख सकेंगे।
यह सर्विस दिसंबर 2026 तक शुरू हो सकती है, जब “On Digital Currency and Digital Rights” बिल पूर्ण रूप से लागू हो जाएगा। इस कानून के तहत लाइसेंस्ड कंपनियां क्रिप्टो ट्रेडिंग, कस्टडी, फिएट एक्सचेंज और क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट कर सकेंगी।
रूस का क्रिप्टो इतिहास: विरोध से स्वीकार्यता तक
रूस का क्रिप्टो के साथ रिश्ता हमेशा जटिल रहा है।
- 2022 में सेंट्रल बैंक ने क्रिप्टो पर पूर्ण बैन की मांग की थी।
- लेकिन सरकार ने लाइसेंस्ड ट्रेडिंग का रास्ता खोला।
- यूक्रेन युद्ध के बाद सैंक्शन्स के कारण क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स में क्रिप्टो का इस्तेमाल बढ़ा।
- 2024 में क्रिप्टो माइनिंग को लीगल किया गया।
- अब 2026 में बैंकिंग सेक्टर भी सक्रिय रूप से आगे आ रहा है।
Sberbank के अलावा VTB और T-Bank भी डिजिटल डिपॉजिटरी सर्विस पर काम कर रहे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए इसका मतलब
रूस जैसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देश का क्रिप्टो को मुख्यधारा में लाना ग्लोबल मार्केट के लिए सकारात्मक संकेत है।
- संभावित प्रभाव: क्रॉस-बॉर्डर ट्रेडिंग आसान हो सकती है, खासकर सैंक्शन्स वाले देशों के लिए।
- भारत के लिए: यह दिखाता है कि दुनिया भर में रेगुलेटेड क्रिप्टो एडॉप्शन बढ़ रहा है। भारत को भी अपने रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को और मजबूत करने की जरूरत है।
एक्सपर्ट ओपिनियन
रूस का यह कदम दिखाता है कि बैंकिंग सेक्टर अब क्रिप्टो को इग्नोर नहीं कर सकता। Sberbank जैसी बड़ी संस्था का एंट्री क्रिप्टो को संस्थागत वैधता देगी। हालांकि, रिस्क मैनेजमेंट, AML और इन्वेस्टर प्रोटेक्शन पर सख्त नजर रखना जरूरी होगा।
Sberbank का क्रिप्टो वॉलेट प्लान रूस में डिजिटल एसेट्स के लिए नया अध्याय खोल सकता है। सितंबर 2026 में कानून लागू होने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि रूस का क्रिप्टो मार्केट कितनी तेजी से विकसित होता है।
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