नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026: भारत वेब3 एसोसिएशन (BWA) ने देश के वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय (SRB) के गठन की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य क्रिप्टो और डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग में जिम्मेदार कारोबारी प्रथाओं को बढ़ावा देना, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना और नियामकीय अनुपालन को प्रोत्साहित करना है।
BWA के अनुसार, नए SRB के दिशानिर्देश वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और भारत में स्व-नियामक संगठनों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी रूपरेखाओं पर आधारित हैं। इनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबंधित दिशानिर्देश भी शामिल हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब भारत में वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों को लेकर नियामकीय अनुपालन, निवेशकों की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता पर चर्चा लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।
क्रिप्टो उद्योग में किन मानकों पर काम करेगा SRB?
नवगठित स्व-नियामक निकाय अपने सदस्यों को निष्पक्ष व्यापार, बाजार पारदर्शिता और जिम्मेदार कारोबारी व्यवहार से जुड़े मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके दायरे में साइबर सुरक्षा, डिजिटल परिसंपत्तियों और ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा, टोकन लिस्टिंग में पारदर्शिता तथा उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
इसके अलावा, SRB शिकायत निवारण व्यवस्था और जिम्मेदार मार्केटिंग एवं संचार को लेकर भी मानक विकसित करने पर ध्यान देगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाता अपने ग्राहकों के साथ पारदर्शी तरीके से काम करें।
निकाय सदस्यों की शासन व्यवस्था और अनुपालन प्रक्रियाओं की समय-समय पर समीक्षा भी करेगा। इसमें धनशोधन रोकथाम (AML) और आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने (CFT) से संबंधित प्रक्रियाएं शामिल होंगी। समीक्षा के आधार पर SRB सदस्यों की कार्यप्रणालियों में सुधार के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करेगा।
हालांकि, स्व-नियामक निकाय का गठन अपने आप में किसी सरकारी नियामक की वैधानिक मंजूरी या उसके अधिकारों का विकल्प नहीं है। इसकी प्रभावशीलता सदस्य संगठनों की भागीदारी, निर्धारित मानकों के पालन और अनुपालन व्यवस्था को लागू करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
रोहित कुमार सिंह बने SRB के अध्यक्ष
BWA ने भारत सरकार के पूर्व सचिव और राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी रोहित कुमार सिंह को SRB का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति विभाग की पूर्व प्रभारी सलाहकार डॉ. प्रज्ञा दास को इसका सदस्य बनाया गया है।
SRB के गठन पर BWA के अध्यक्ष दिलीप चेनॉय ने कहा कि संगठन भारत के VDA क्षेत्र में जोखिम कम करने और नियमों के अनुपालन पर केंद्रित नियामकीय व्यवस्था की लगातार वकालत करता रहा है। उनके अनुसार, स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय का गठन उद्योग में अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
SRB के अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए नवाचार के साथ विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही भी जरूरी है। तेजी से विकसित हो रहे वर्चुअल डिजिटल एसेट क्षेत्र में स्व-नियमन उपभोक्ताओं की सुरक्षा, जिम्मेदार बाजार प्रथाओं और जनता का भरोसा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि SRB का लक्ष्य प्रशासनिक व्यवस्था और अनुपालन के विश्वसनीय मानक स्थापित करना होगा। उद्योग की दीर्घकालिक सफलता केवल तकनीकी प्रगति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि उपभोक्ताओं और समाज के बीच कितना विश्वास कायम किया जाता है।
डॉ. प्रज्ञा दास ने खुदरा निवेशकों की सुरक्षा पर दिया जोर
SRB की सदस्य डॉ. प्रज्ञा दास ने कहा कि भारत में वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। उनके अनुसार, इस क्षेत्र के करीब 75 प्रतिशत निवेशक 18 से 35 वर्ष की आयु के हैं। इसके साथ ही दूसरे, तीसरे और चौथे दर्जे के शहरों में भी डिजिटल परिसंपत्तियों की पहुंच बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में स्वतंत्र SRB की स्थापना महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और शिकायत निवारण के लिए स्वैच्छिक मानक निर्धारित करने से बाजार में अनुशासन स्थापित करने और खुदरा निवेशकों के हितों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है।
क्रिप्टो बाजार में नए निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए ये मानक विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। स्पष्ट जानकारी, सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था निवेशकों को जोखिम समझने तथा बाजार में अधिक सूचित निर्णय लेने में सहायता कर सकती है।
रोहित कुमार सिंह का प्रशासनिक अनुभव
रोहित कुमार सिंह 1989 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। वह भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव रह चुके हैं। उनके अनुभव में आर्थिक प्रशासन, उपभोक्ता संरक्षण, बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल प्रशासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और संस्थागत साझेदारी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उनके कार्यकाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की गई। उनके नेतृत्व में उपभोक्ता न्यायालयों के डिजिटलीकरण को भी बढ़ावा मिला। इसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शिकायत दर्ज करने, मामलों की स्थिति जानने और बहुभाषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने उपभोक्ता मामले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, गृह मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, वाणिज्यिक कर, शहरी बुनियादी ढांचा विकास और ग्रामीण विकास सहित कई विभागों एवं संगठनों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है।
मौद्रिक नीति और वित्तीय बाजारों में डॉ. प्रज्ञा दास का अनुभव
डॉ. प्रज्ञा दास का पेशेवर अनुभव मौद्रिक नीति निर्माण, वित्तीय बाजार संचालन, बैंकिंग नियमन, सांख्यिकीय सर्वेक्षण और व्यापक आर्थिक अनुसंधान से जुड़ा है। वह RBI के मौद्रिक नीति विभाग की प्रभारी सलाहकार और मौद्रिक नीति समिति की सचिव के रूप में काम कर चुकी हैं।
उन्होंने बैंकिंग नियामकीय प्रावधानों और अंतिम ऋणदाता की भूमिका से जुड़े कार्यों को संभाला है। वित्तीय बाजार समिति की सदस्य के रूप में उन्होंने तरलता प्रबंधन और विदेशी निवेश से संबंधित गतिविधियों की निगरानी भी की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने RBI के व्यापक आर्थिक आंकड़ों के डेटाबेस का प्रबंधन किया और प्रमुख आर्थिक सर्वेक्षणों को संस्थागत रूप देने में योगदान दिया। वह बैंक ऑफ इंग्लैंड में प्रतिनियुक्ति पर भी काम कर चुकी हैं और उनके पास सांख्यिकी में पीएचडी की डिग्री है। उनका हालिया शोध मुद्रास्फीति, व्यापक अर्थव्यवस्था और भुगतान प्रणालियों पर केंद्रित है।
भारत वेब3 एसोसिएशन की भूमिका
भारत वेब3 एसोसिएशन वेब3 और वर्चुअल डिजिटल एसेट क्षेत्र से जुड़े 30 से अधिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्यों में डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाता, प्रथम और द्वितीय स्तर की ब्लॉकचेन अवसंरचना कंपनियां तथा प्रौद्योगिकी और सेवा प्रदाता शामिल हैं।
BWA कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी कंपनी है, जिसका पंजीकरण नई दिल्ली में हुआ है। संगठन VDA क्षेत्र से जुड़े नीतिगत मुद्दों, नियामकीय संवाद, प्रशासनिक व्यवस्था और नियमों के अनुपालन पर काम करता है।
भारतीय क्रिप्टो बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय की स्थापना भारतीय डिजिटल परिसंपत्ति उद्योग में जवाबदेही और निवेशक संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि SRB अपने सदस्यों के बीच प्रभावी अनुपालन मानक स्थापित कर पाता है, तो इससे टोकन लिस्टिंग, ग्राहक डेटा की सुरक्षा, साइबर जोखिम प्रबंधन और शिकायतों के निपटारे जैसी प्रक्रियाओं में सुधार हो सकता है।
हालांकि, इस पहल का वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि सदस्य संगठन इन मानकों को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं और समीक्षा के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
भारत में क्रिप्टो और VDA क्षेत्र के भविष्य के लिए नवाचार और जोखिम प्रबंधन के बीच संतुलन महत्वपूर्ण रहेगा। BWA का नया SRB इसी दिशा में उद्योग-स्तरीय मानक विकसित करने का प्रयास है। इसकी सफलता से बाजार में विश्वास बढ़ाने और जिम्मेदार डिजिटल परिसंपत्ति प्रथाओं को प्रोत्साहित करने में मदद मिल सकती है।
