अमेरिकी क्रिप्टो कंपनी Ripple ने अपने National Trust Bank के लिए अमेरिकी बैंकिंग नियामक Office of the Comptroller of the Currency (OCC) से अंतिम मंजूरी मिलने की घोषणा की है। यह फैसला कंपनी के स्टेबलकॉइन कारोबार, डिजिटल एसेट कस्टडी और संस्थागत वित्तीय सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Ripple के मुताबिक, यह मंजूरी उसके बैंकिंग ढांचे को मजबूत करेगी और उसके डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन RLUSD के रिजर्व प्रबंधन में संघीय निगरानी की भूमिका बढ़ाएगी।
हालांकि, इस मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि Ripple को पारंपरिक कमर्शियल बैंक की सभी सुविधाएं मिल गई हैं। National Trust Bank का मुख्य फोकस डिजिटल एसेट्स की सुरक्षित कस्टडी, रिजर्व प्रबंधन और ट्रस्ट से जुड़ी सेवाओं पर रहेगा।
Ripple National Trust Bank को क्या-क्या अधिकार मिले?
Ripple ने 26 अक्टूबर 2026 को बताया कि OCC ने Ripple National Trust Bank (RNTB) की स्थापना के लिए अंतिम मंजूरी दे दी है। इससे दिसंबर 2025 में मिली सशर्त मंजूरी के बाद चार्टर प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
मंजूर कारोबारी योजना के तहत बैंक को तीन प्रमुख गतिविधियों की अनुमति होगी:
- RLUSD रिजर्व का प्रबंधन: स्टेबलकॉइन के समर्थन में रखी गई अलग-अलग रिजर्व संपत्तियों का प्रबंधन करना।
- कोलेटरल ट्रस्टी की भूमिका: RLUSD धारकों के लाभ के लिए रिजर्व से संबंधित ट्रस्टी की जिम्मेदारियां निभाना।
- डिजिटल एसेट कस्टडी: संस्थागत ग्राहकों के डिजिटल एसेट्स को सुरक्षित रखने और उनसे जुड़ी फिड्यूशियरी सेवाएं प्रदान करना।
इस कदम से Ripple को अमेरिका में संघीय स्तर पर निगरानी वाले ढांचे के तहत अपनी संस्थागत डिजिटल एसेट सेवाओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
RLUSD स्टेबलकॉइन पर क्या होगा असर?
RLUSD Ripple का अमेरिकी डॉलर से जुड़ा स्टेबलकॉइन है, जिसे दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया था। कंपनी के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक इसका मार्केट कैप लगभग 2.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इसका इस्तेमाल Ripple के पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और Ripple Prime में कोलेटरल के रूप में भी किया जा रहा है।
Ripple के अनुसार, RLUSD को जारी करने की जिम्मेदारी फिलहाल Standard Custody & Trust Company के पास ही रहेगी, जो न्यूयॉर्क के वित्तीय नियामक New York Department of Financial Services (NYDFS) के तहत काम करती है।
नए ट्रस्ट बैंक का उद्देश्य रिजर्व प्रबंधन और संबंधित सेवाओं के लिए संघीय निगरानी की एक अतिरिक्त परत उपलब्ध कराना है। Ripple के मुताबिक, RLUSD के रिजर्व में अमेरिकी डॉलर जमा, अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियां और अन्य नकद समकक्ष संपत्तियां शामिल हैं। BNY इसका प्राथमिक रिजर्व कस्टोडियन है और कंपनी रिजर्व तथा सर्कुलेटिंग सप्लाई पर स्वतंत्र तृतीय-पक्ष प्रमाणन रिपोर्ट भी प्रकाशित करती है।
इससे संस्थागत निवेशकों और वित्तीय कंपनियों के बीच RLUSD की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नियामकीय मंजूरी अपने आप में स्टेबलकॉइन की बाजार मांग या भविष्य की सफलता की गारंटी नहीं देती।
XRP और Ripple के कारोबार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
Ripple का यह कदम डिजिटल एसेट्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों के बीच बढ़ते तालमेल को दर्शाता है। कंपनी पेमेंट्स, डिजिटल एसेट कस्टडी और संस्थागत वित्तीय सेवाओं में अपनी उपस्थिति बढ़ाना चाहती है।
इस घटनाक्रम के तीन प्रमुख संभावित प्रभाव हो सकते हैं:
- संस्थागत भागीदारी: संघीय निगरानी वाला ढांचा कुछ वित्तीय संस्थानों के लिए Ripple की सेवाओं को अपनाना आसान बना सकता है।
- स्टेबलकॉइन कारोबार: रिजर्व प्रबंधन की व्यवस्था मजबूत होने से RLUSD के संस्थागत उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।
- डिजिटल एसेट कस्टडी: Ripple को संस्थागत ग्राहकों के डिजिटल एसेट्स की सुरक्षित कस्टडी से जुड़े कारोबार को विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, इस मंजूरी को XRP की कीमत में तेजी का सीधा संकेत नहीं मानना चाहिए। XRP की कीमत पर बाजार की मांग, व्यापक क्रिप्टो ट्रेंड, नियामकीय घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा जैसे कई कारक प्रभाव डालते हैं। बैंक चार्टर की मंजूरी से XRP की कीमत में कितनी हलचल होगी, यह निश्चित नहीं है।
अमेरिका में क्रिप्टो कंपनियों के लिए बदलता नियामकीय माहौल
Ripple की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका में डिजिटल एसेट कंपनियां पारंपरिक वित्तीय ढांचे के भीतर अपनी सेवाओं का विस्तार करने की कोशिश कर रही हैं। दिसंबर 2025 में OCC ने Ripple सहित पांच संस्थाओं के नेशनल ट्रस्ट बैंक चार्टर आवेदनों को सशर्त मंजूरी दी थी। इस समूह में BitGo, Fidelity Digital Assets और Paxos भी शामिल थे।
नेशनल ट्रस्ट बैंक का मॉडल सामान्य कमर्शियल बैंक से अलग होता है। ऐसे बैंक आम तौर पर ग्राहकों की संपत्तियों को रखने और प्रबंधित करने जैसी ट्रस्ट सेवाओं पर ध्यान देते हैं। इन्हें सामान्य बैंक की तरह हर प्रकार की जमा और ऋण संबंधी गतिविधियां करने का अधिकार स्वतः नहीं मिलता।
जरूरी नियामकीय स्पष्टीकरण
Ripple ने 26 अक्टूबर 2026 को अंतिम मंजूरी की घोषणा की है, लेकिन 27 अक्टूबर की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, OCC के सार्वजनिक रिकॉर्ड में Ripple National Trust Bank की स्थिति अभी भी सशर्त मंजूरी के रूप में दिखाई दे रही थी। इसलिए बैंक के वास्तव में परिचालन शुरू करने से पहले अंतिम नियामकीय स्थिति और सभी आवश्यक शर्तों की पूर्ति की पुष्टि करना जरूरी है।
निष्कर्ष
Ripple National Trust Bank से जुड़ी घोषणा कंपनी की नियामकीय रणनीति और संस्थागत डिजिटल एसेट कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है। यदि बैंक सभी आवश्यक शर्तें पूरी करके परिचालन शुरू करता है, तो वह RLUSD के रिजर्व प्रबंधन और डिजिटल एसेट कस्टडी सेवाओं को संघीय निगरानी वाले ढांचे से जोड़ सकता है।
फिर भी, निवेशकों को इस खबर और XRP की कीमत के बीच सीधा संबंध मानने के बजाय वास्तविक नियामकीय प्रगति, RLUSD के उपयोग और व्यापक क्रिप्टो बाजार की परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।
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