अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में क्रिप्टो और ब्लॉकचेन से जुड़ी कंपनियों में संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली। Kalshi, HIVE और PhotonPay समेत कई कंपनियों ने फंडिंग हासिल की। जानिए इसका भारतीय क्रिप्टो निवेशकों और Web3 बाजार के लिए क्या मतलब है।
नई दिल्ली, क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन इंडस्ट्री में संस्थागत निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह (24 से 30 अक्टूबर) के दौरान क्रिप्टो और क्रिप्टो से जुड़ी कंपनियों ने 10 घोषित फाइनेंसिंग डील के जरिए लगभग 1.24 अरब डॉलर (करीब 11,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटाई। इस सप्ताह की सबसे बड़ी डील अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म Kalshi की रही, जिसने 1 अरब डॉलर की Series G फंडिंग हासिल की।
इस फंडिंग राउंड में कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 40 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, HIVE Digital Technologies की सहायक कंपनी BUZZ Alpha Cloud ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए करीब 129 मिलियन डॉलर का लोन हासिल किया। इसके अलावा स्टेबलकॉइन पेमेंट, AI कंप्यूटिंग, डिजिटल एसेट कंप्लायंस और टोकनाइज्ड क्रेडिट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी निवेश हुआ।
यह गतिविधि बताती है कि निवेशकों की दिलचस्पी अब केवल Bitcoin और Ethereum जैसी क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं है। संस्थागत पूंजी का एक बड़ा हिस्सा उन कंपनियों की ओर जा रहा है जो डिजिटल फाइनेंस, पेमेंट नेटवर्क, AI कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं।
Kalshi ने 1 अरब डॉलर जुटाए, वैल्यूएशन 40 अरब डॉलर पहुंचा
इस सप्ताह की सबसे बड़ी फंडिंग डील Kalshi ने की। कंपनी ने 29 अक्टूबर को अपनी Series G फंडिंग की घोषणा की, जिसमें Wellington Management और Sequoia Capital ने संयुक्त रूप से नेतृत्व किया।
इस राउंड में Baillie Gifford, Andreessen Horowitz (a16z), Coatue, CapitalG, Morgan Stanley Investment Management, Stripes और अन्य निवेशकों ने हिस्सा लिया।
इस निवेश के बाद Kalshi का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 40 अरब डॉलर हो गया। कंपनी ने बताया कि उसके प्लेटफॉर्म पर 30 मिलियन से अधिक अकाउंट हैं और उसका वार्षिकीकृत ट्रेडिंग वॉल्यूम 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है।
Kalshi मुख्य रूप से प्रेडिक्शन मार्केट के लिए जाना जाता है। इस प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता चुनाव, खेल, आर्थिक घटनाओं और दूसरे वास्तविक दुनिया के घटनाक्रमों के नतीजों से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में ट्रेड कर सकते हैं।
कंपनी अब अपने कारोबार को पारंपरिक प्रेडिक्शन मार्केट से आगे बढ़ाकर एक मल्टी-एसेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत इंडेक्स, सिंगल-स्टॉक परपेचुअल फ्यूचर्स और कंप्यूट मार्केट जैसे नए प्रोडक्ट विकसित किए जाएंगे।
नई पूंजी का इस्तेमाल संस्थागत ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डिस्ट्रीब्यूशन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी की योजना खास तौर पर लैटिन अमेरिका और यूरोप के बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की है।
HIVE ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 129 मिलियन डॉलर का लोन लिया
इस सप्ताह की दूसरी बड़ी फाइनेंसिंग डील HIVE Digital Technologies से जुड़ी रही। कंपनी की सहायक इकाई BUZZ Alpha Cloud ने 27 अक्टूबर को एक संस्थागत ऋणदाता के साथ लगभग 129 मिलियन डॉलर के लोन समझौते की घोषणा की।
यह तीन साल का लोन है, जिस पर सालाना 9% की निश्चित ब्याज दर लागू होगी। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल Nvidia GPU सिस्टम और उनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को खरीदने के लिए करेगी। यह निवेश कनाडा में AI कंप्यूटिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।
इस इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल Cohere के साथ पहले से घोषित व्यावसायिक अनुबंध को पूरा करने में किया जाएगा। लोन GPU उपकरणों और संबंधित संपत्तियों के आधार पर सुरक्षित है। HIVE के अनुसार, इस फाइनेंसिंग के बदले कंपनी को अपने सामान्य शेयर जारी नहीं करने होंगे और लोन का भुगतान मुख्य रूप से संबंधित कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाले राजस्व से किया जाएगा।
यह घटनाक्रम क्रिप्टो माइनिंग कंपनियों के बदलते बिजनेस मॉडल को भी दर्शाता है। पहले जहां इन कंपनियों का मुख्य फोकस Bitcoin माइनिंग और डिजिटल एसेट उत्पादन पर था, वहीं अब कई कंपनियां अपने डेटा सेंटर, बिजली और कंप्यूटिंग क्षमता का इस्तेमाल AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सेवाएं देने में कर रही हैं।
PhotonPay ने स्टेबलकॉइन पेमेंट कारोबार के लिए जुटाए 40 मिलियन डॉलर
स्टेबलकॉइन और डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। हांगकांग स्थित PhotonPay ने अपनी Series C फंडिंग में 40 मिलियन डॉलर जुटाए।
इस राउंड का नेतृत्व Blockchain Capital ने किया, जबकि SBI Group ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा IDG Capital, GL Ventures और Lightspeed Faction जैसे मौजूदा निवेशक भी शामिल रहे।
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल मल्टी-एसेट डिजिटल वॉलेट, ग्लोबल कार्ड जारी करने की क्षमता और स्थानीय पेमेंट क्लियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी।
PhotonPay का प्लेटफॉर्म स्टेबलकॉइन लिक्विडिटी को पारंपरिक बैंकिंग और पेमेंट नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय भुगतान, सेटलमेंट और कारोबारी लेनदेन के लिए अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना है।
कंपनी के मुताबिक, अगस्त 2026 तक उसका वार्षिकीकृत ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 65 अरब डॉलर तक पहुंच चुका था और उसके 2 लाख से अधिक बिजनेस ग्राहक थे।
यह फंडिंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्टेबलकॉइन अब केवल क्रिप्टो ट्रेडिंग तक सीमित नहीं रह गए हैं। इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय भुगतान, डिजिटल वॉलेट और बिजनेस सेटलमेंट जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।
AI कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में AI और कंप्यूटिंग से जुड़ी कंपनियों ने भी अच्छी फंडिंग हासिल की।
प्रमुख निवेश इस प्रकार रहे:
– Hyperbolic – 30 मिलियन डॉलर: कंपनी ने Walden Catalyst के नेतृत्व में Series A1 फंडिंग हासिल की। Dell Technologies Capital, General Catalyst और Vista Equity Partners ने भी निवेश किया। कंपनी AI कंप्यूटिंग सॉफ्टवेयर, क्लाउड सेवाओं और GPU क्षमता के मार्केटप्लेस को विकसित करने की योजना बना रही है।
– Luxor – 16 मिलियन डॉलर: CMT Digital के नेतृत्व में हुई इस रणनीतिक फंडिंग में Canaan, MicroBT, Halo और Steelhead शामिल रहे। इस डील में नई पूंजी के साथ मौजूदा शेयरों की सेकेंडरी बिक्री भी शामिल थी। कंपनी AI हार्डवेयर, क्लाउड सेवाओं और कंप्यूट डेरिवेटिव कारोबार का विस्तार करना चाहती है।
इन निवेशों से संकेत मिलता है कि AI और ब्लॉकचेन के बीच सहयोग अब निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बनता जा रहा है।
छोटे फंडिंग राउंड में कंप्लायंस और ट्रेडिंग प्रोजेक्ट्स को समर्थन
बड़ी कंपनियों के अलावा कई शुरुआती स्तर के Web3 प्रोजेक्ट्स ने भी पूंजी जुटाई। इनका फोकस डिजिटल एसेट कंप्लायंस, क्रॉस-चेन लिक्विडिटी, ब्रोकरेज और टोकनाइज्ड क्रेडिट जैसे क्षेत्रों पर रहा।
| कंपनी | जुटाई गई फंडिंग | प्रमुख उद्देश्य |
|---|---|---|
| Predicate | 8 मिलियन डॉलर | डिजिटल एसेट कंप्लायंस स्क्रीनिंग |
| Cancore | 7.2 मिलियन डॉलर | Canton और पब्लिक ब्लॉकचेन के बीच कनेक्टिविटी |
| Spicenet | 5 मिलियन डॉलर | ब्रोकरेज और नेटवर्क लिक्विडिटी |
| Mochatrade | 4.87 मिलियन डॉलर | ट्रेडिंग और ब्रोकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर |
| Birch Hill | 4 मिलियन डॉलर | पब्लिक ब्लॉकचेन पर अमेरिकी क्रेडिट |
Predicate की Series A का नेतृत्व Blockchain Capital ने किया। कंपनी ने Paxos को अपना नया रणनीतिक निवेशक भी बताया और अपनी कुल जुटाई गई फंडिंग 15 मिलियन डॉलर बताई।
Cancore को Paper Ventures, dao5 और ArkStream Capital जैसे निवेशकों का समर्थन मिला। Spicenet की Series A का नेतृत्व dao5 ने किया, जबकि Mochatrade के सीड राउंड में CoinFund और Coinbase Ventures शामिल रहे।
Birch Hill का उद्देश्य अमेरिकी क्रेडिट बाजार को पब्लिक ब्लॉकचेन पर लाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।
संस्थागत निवेश और क्रेडिट से जुड़ी अन्य गतिविधियां
इस सप्ताह कुछ ऐसे निवेश और क्रेडिट समझौते भी सामने आए, जिनकी पूरी वित्तीय राशि सार्वजनिक नहीं की गई।
- Ibis: कंपनी ने FalconX से 250 मिलियन डॉलर की संस्थागत क्रेडिट सुविधा के साथ अपना कारोबार शुरू किया। इसके प्री-सीड राउंड में FalconX, Anchorage Digital और Innovating Capital शामिल रहे। हालांकि, 250 मिलियन डॉलर क्रेडिट क्षमता है, इसे जुटाई गई इक्विटी फंडिंग नहीं समझना चाहिए।
- Fun: IOSG Ventures ने पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता Fun में अघोषित राशि का निवेश किया।
- Trade[XYZ]: इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) ने कंपनी में रणनीतिक हिस्सेदारी ली। दोनों की योजना नियामकीय मंजूरी के अधीन अमेरिका में रेगुलेटेड परपेचुअल मार्केट विकसित करने की है।
- Marketnode: Stellar Development Foundation ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में टोकनाइज्ड वित्तीय उत्पादों तक संस्थागत पहुंच बढ़ाने के लिए Marketnode में निवेश किया।
भारतीय क्रिप्टो निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फंडिंग?
इस फंडिंग गतिविधि का महत्व केवल अमेरिका या यूरोप के क्रिप्टो बाजार तक सीमित नहीं है। भारतीय निवेशकों और Web3 इंडस्ट्री के लिए भी इसमें कई महत्वपूर्ण संकेत छिपे हैं।
1. AI और ब्लॉकचेन का बढ़ता मेल
HIVE और Hyperbolic जैसी कंपनियों में निवेश दिखाता है कि AI कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों के लिए आकर्षक क्षेत्र बन रहे हैं।
भारत में भी AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और Web3 डेवलपमेंट का बाजार विकसित हो रहा है। भारतीय निवेशकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि भविष्य में क्रिप्टो इंडस्ट्री का विकास केवल डिजिटल टोकन की कीमतों पर निर्भर नहीं करेगा। इसके पीछे काम करने वाला तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
2. स्टेबलकॉइन से भारतीय डिजिटल पेमेंट सेक्टर को संकेत
PhotonPay की 40 मिलियन डॉलर की फंडिंग भारतीय निवेशकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
भारत में UPI और डिजिटल पेमेंट नेटवर्क पहले से मजबूत हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय भुगतान और सीमा पार कारोबार में स्टेबलकॉइन आधारित सेटलमेंट टेक्नोलॉजी की संभावनाएं अलग हैं।
यदि भविष्य में इस तरह के प्लेटफॉर्म नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए विस्तार करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार, रेमिटेंस और डिजिटल वित्तीय सेवाओं में नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
भारतीय निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि हर स्टेबलकॉइन या उससे जुड़े टोकन का मूल्य भी बढ़ेगा। किसी कंपनी की व्यावसायिक सफलता और उसके किसी टोकन का निवेश प्रदर्शन अलग-अलग विषय हैं।
3. क्रिप्टो कंप्लायंस और रेगुलेटरी टेक्नोलॉजी की मांग
Predicate को मिली 8 मिलियन डॉलर की फंडिंग एक अन्य महत्वपूर्ण संकेत है। डिजिटल एसेट कंपनियों के लिए ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग, पहचान सत्यापन और वित्तीय अपराधों की रोकथाम लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।
भारत में भी Virtual Digital Asset (VDA) सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए मनी लॉन्ड्रिंग रोधी नियमों और FIU-IND से जुड़े अनुपालन का महत्व बढ़ा है।
सितंबर 2026 में वित्त मंत्रालय ने FIU-IND की ओर से 15 VDA सर्विस प्रोवाइडर्स के खिलाफ अनुपालन संबंधी कार्रवाई की जानकारी दी थी। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय क्रिप्टो बाजार में केवल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि कंप्लायंस और सुरक्षा से जुड़ी तकनीक की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
4. भारतीय निवेशकों के लिए टैक्स और नियामकीय जोखिम
वैश्विक क्रिप्टो कंपनियों में निवेश बढ़ने के बावजूद भारत में डिजिटल एसेट निवेशकों को मौजूदा टैक्स नियमों को ध्यान में रखना होगा।
आयकर विभाग के उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार:
- VDA ट्रांसफर पर लागू परिस्थितियों में धारा 194S के तहत 1% TDS का प्रावधान है।
- धारा 115BBH के तहत VDA से होने वाली आय पर 30% टैक्स लागू होता है, साथ में लागू सरचार्ज और सेस भी हो सकते हैं।
- VDA से होने वाले नुकसान के सेट-ऑफ और कैरी-फॉरवर्ड पर भी विशेष प्रतिबंध हैं।
इसलिए भारतीय निवेशकों को केवल अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और बाजार की तेजी देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। Income Tax India+2
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि Kalshi जैसे प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म को भारत में उपलब्ध सामान्य क्रिप्टो एक्सचेंज के समान नहीं समझना चाहिए। इनके कॉन्ट्रैक्ट्स की कानूनी और नियामकीय स्थिति अलग हो सकती है। भारतीय निवेशकों को किसी विदेशी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी भारत में उपलब्धता, लागू कानूनों और संबंधित वित्तीय जोखिमों की जांच करनी चाहिए।
क्या 1.24 अरब डॉलर की फंडिंग से Bitcoin और दूसरे क्रिप्टो की कीमत बढ़ेगी?
क्रिप्टो इंडस्ट्री में इतनी बड़ी फंडिंग निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Bitcoin, Ethereum या दूसरे Altcoins की कीमतों में तुरंत तेजी आएगी।
इसका प्रमुख कारण यह है कि फंडिंग का बड़ा हिस्सा निजी कंपनियों, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, पेमेंट सेवाओं और डिजिटल एसेट टेक्नोलॉजी में लगाया जा रहा है। इसका सीधा संबंध Bitcoin या अन्य क्रिप्टो टोकन की खरीद से नहीं है।
हालांकि, लंबी अवधि में इन कंपनियों की सफलता से ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ सकता है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अधिक संस्थागत भागीदारी और स्टेबलकॉइन आधारित भुगतान सेवाएं डिजिटल एसेट इकोसिस्टम को मजबूत कर सकती हैं।
निवेशकों को फंडिंग की खबरों के साथ कंपनियों के राजस्व, वास्तविक उपयोगकर्ताओं, कारोबार की स्थिरता और नियामकीय स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष: क्रिप्टो निवेश का फोकस अब केवल टोकन से आगे बढ़ रहा है
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में घोषित लगभग 1.24 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग यह दिखाती है कि वैश्विक निवेशक क्रिप्टो इंडस्ट्री को अब केवल Bitcoin और Altcoin ट्रेडिंग के नजरिए से नहीं देख रहे हैं।
Kalshi का 40 अरब डॉलर का वैल्यूएशन, HIVE का AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और PhotonPay का स्टेबलकॉइन पेमेंट कारोबार इस बदलाव के अलग-अलग उदाहरण हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए सबसे बड़ा संकेत यह है कि आने वाले समय में AI, ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेबलकॉइन पेमेंट और डिजिटल एसेट कंप्लायंस जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए बाजार की समझ, जोखिम प्रबंधन और भारतीय नियामकीय नियमों का पालन जरूरी होगा।
एक महत्वपूर्ण आंकड़ों से जुड़ी स्पष्टता: 1.24 अरब डॉलर का कुल आंकड़ा शुद्ध वेंचर कैपिटल निवेश नहीं है। इसमें HIVE का कर्ज और Luxor की सेकेंडरी शेयर बिक्री भी शामिल है। इसलिए इसे सप्ताह के दौरान घोषित व्यापक फाइनेंसिंग गतिविधियों के रूप में देखना अधिक सही होगा।
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